एसियान-इंडिया सम्मेलन: पीएम मोदी द्वारा वैश्विक नेताओं के साथ जी-20 की चर्चा

जी-20 शिखर सम्मेलन में साझी सहमति पर प्रयास, आसियान बैठक के दौरान पीएम मोदी की भूमिका

भारत की तीसरी सबसे बड़ी इकोनॉमी

एसियान-इंडिया सम्मेलन:

G-20 शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से आम सहमति बनाने की कोशिश की जाएगी. ये कोशिश न सिर्फ नई दिल्ली में होने वाली बैठक से ठीक पहले होगी, बल्कि अगले हफ्ते पीएम मोदी 7 सितंबर को होने वाली आसियान बैठक में हिस्सा लेने के लिए जकार्ता (इंडोनेशिया) जाएंगे. इसमें भारतीय पक्ष की अध्यक्षता पीएम मोदी करेंगे. बैठक।

पीएम मोदी के साथ आसियान बैठक में भी हिस्सा लेंगे

7 सितंबर को भारत-आसियान बैठक होगी, जिसकी अध्यक्षता पीएम मोदी करेंगे. आसियान में हिस्सा लेने के लिए जापान, ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण कोरिया, अमेरिका, इंडोनेशिया जैसे जी-20 देशों के सदस्य देशों के नेता भी वहां पहुंचेंगे. इसके साथ ही जी-20 एक अहम हिस्सा हो सकता है और भारत इस बैठक में अपनी कूटनीतिक विशेषज्ञता का प्रदर्शन भी कर सकता है.

पीएम मोदी का इंडोनेशिया दौरा

प्रधानमंत्री मोदी इंडोनेशिया के राष्ट्रपति जोको विडोडो के निमंत्रण पर इस यात्रा पर हैं। इस दौरान मोदी इस साल के 20वें भारत-आसियान शिखर सम्मेलन और पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन में भी हिस्सा लेंगे. इसमें द्विपक्षीय संबंधों से जुड़े सभी मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी और भविष्य के सहयोग का एजेंडा तय किया जाएगा. पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन में उन आठ देशों के साथ भारत भी मौजूद रहेगा जिन्होंने अपना रणनीतिक साझेदार बनने का फैसला किया है और इसमें क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा की जाएगी.

भारत की कूटनीतिक साझेदारी

जी-20 से जुड़े भारतीय राजनयिक दल के सदस्यों ने बताया कि संयुक्त घोषणा पत्र को लेकर स्थिति किसी से छुपी नहीं है. एक तरफ अमेरिका और उसके समर्थक देश हैं तो दूसरी तरफ चीन और रूस दोनों का समूह है. इसके बावजूद भारत अपनी ओर से हर सदस्य देश के साथ बातचीत जारी रखे हुए है.

सामान्य घोषणा का मार्ग

9-10 सितंबर 2023 को शिखर सम्मेलन से पहले पीएम मोदी के साथ राष्ट्र प्रमुखों की कुछ द्विपक्षीय वार्ता हो सकती है, जिसमें संयुक्त घोषणा का रास्ता तय हो सकता है. अब तक का मुख्य विवाद यह है कि संयुक्त घोषणा में यूक्रेन संघर्ष का उल्लेख कैसे किया जाना चाहिए।

भारत की अध्यक्षता में छह मंत्रिस्तरीय बैठकें

जनवरी 2023 के बाद भारत की अध्यक्षता में छह मंत्रिस्तरीय बैठकें हो चुकी हैं, जिनमें यूक्रेन पर रूस के हमले की संयुक्त राष्ट्र महासभा में की गई निंदा का जिक्र है और रूस से यूक्रेन की भौगोलिक अखंडता का सम्मान करने को कहा गया है. ये बात रूस और उसके समर्थक चीन को बिल्कुल भी पसंद नहीं है.

साझा घोषणापत्र को लेकर कई देशों के प्रस्ताव

साझा घोषणापत्र को लेकर कुछ अन्य देशों के भी प्रस्ताव हैं, जिन पर विचार किया जा सकता है. इसमें ब्राजील का एक प्रस्ताव है जिसके मुताबिक बाली घोषणापत्र में जो कुछ हुआ उसे वहीं छोड़ दिया जाए और नए विकास एजेंडे पर काम किया जाए. दूसरा विकल्प एक संयुक्त घोषणापत्र में सभी देशों के विचार सामने रखना है.

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