ओम पुरी: एक अद्भुत अभिनयकर की कहानी, जो ने अंग्रेजी के रास्ते पर दिया अपना यात्रा और हॉलीवुड में बजाई डंका

ओम पुरी – हिंदी सिनेमा का अद्वितीय रत्न जिसे हमेशा याद किया जाएगा

ओम पुरी

ओम पुरी ने अपने अनोखे अभिनय से हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में कई यादगार फिल्में दी हैं। सिनेमा की दुनिया में एक अनोखी जगह बनाई. जिन लोगों ने उनके अभिनय को गहराई से देखा, उनके लिए यह विश्वास करना मुश्किल हो गया कि ये फिल्मी पात्र वास्तविक नहीं थे।

कड़ी मेहनत से प्रकाश तक:

ओम पुरी ने बॉलीवुड में अपना अनोखा करियर बनाने के लिए कड़ी मेहनत और संघर्ष किया। अपनी कड़ी मेहनत और इच्छाशक्ति की बदौलत उन्होंने खुद को निखारा और एक्टिंग की दुनिया में बड़ा नाम कमाया। ‘आक्रोश’, ‘आरोहण’, ‘अर्ध सत्य’, ‘जाने भी दो यारों’, ‘चाची 420’, ‘हेरा फेरी’, ‘मालामाल वीकली’ और ‘मिर्च मसाला’ जैसी फिल्में उनकी कुछ प्रसिद्ध कृतियों में से हैं। ओम पुरी ने न सिर्फ बॉलीवुड बल्कि हॉलीवुड में भी अपना नाम बनाया।

अंग्रेजी चुनौती:

ओम पुरी का हॉलीवुड तक का सफर दिलचस्प और कठिन था। हकीकत तो यह थी कि उन्हें अंग्रेजी में काम करने में दिक्कत हो रही थी और इसीलिए उन्होंने हॉलीवुड की दुनिया में कदम रखने का फैसला किया। बॉलीवुड से हॉलीवुड तक का सफर इतना आसान नहीं था. ओम पुरी की बर्थडे एनिवर्सरी पर आइए जानते हैं उनके इस दिलचस्प सफर के बारे में…

मध्य पंजाबी से:

इंडिया टीवी को दिए एक इंटरव्यू में ओम पुरी ने अपने हॉलीवुड सफर के बारे में बताया था. उन्होंने बताया कि उन्होंने अपनी पढ़ाई पंजाबी मीडियम से शुरू की. इस दौरान अंग्रेजी उनके लिए एक बड़ी चुनौती बन गई। इसी वजह से उन्होंने नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा (एनएसडी) छोड़ने पर विचार किया था।

एनएसडी छोड़ने पर विचार:

पंजाबी में पढ़ाई करने के बाद ओम पुरी अपनी कड़ी मेहनत और अभिनय के प्रति प्रेम के कारण एनएसडी में शामिल हो गए। इस दौरान उनके सामने एक बड़ी चुनौती खड़ी हो गई क्योंकि एनएसडी में पढ़ाई केवल अंग्रेजी में होती थी, जिससे ओम पुरी को दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

हॉलीवुड में दमदार प्रस्तुति:

कोर्स शुरू करने के कुछ दिन बाद ही ओम पुरी को अंग्रेजी की चिंता होने लगी। इस दौरान वह फिर इतने तनाव में आ गए कि स्कूल छोड़ने के बारे में सोचने लगे। इसी बीच उनके साथी ने उन्हें एनएसडी छोड़ने के बजाय अपनी अंग्रेजी सुधारने की सलाह दी। उन्होंने उन्हें हर दिन अंग्रेजी अखबार ध्यान से पढ़ने की सलाह दी। इस सलाह पर अमल करते हुए ओम पुरी ने अपनी अंग्रेजी सुधारी और अपने दुश्मन को भी दोस्त बना लिया। इस प्रकार वह हॉलीवुड में एक नई ऊंचाई पर पहुंचे और लगभग 20 फिल्मों में अपना अद्वितीय योगदान दिया।

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