मुंबई और पठानकोट हमले के दोषियों पर कार्रवाई करे पाकिस्तान, भारत और अमेरिका ने की मांग

भारत और अमेरिका के बीच इस बारे में पहले से ही समझौते हैं जिसे और मजबूत करने की सहमति बनी है। दोनों देश इस बात पर सहमत है कि आतंकवाद के नये रूप सामने आ रहे हैं ज्यादा चुनौतीपूर्ण हैं। खास तौर पर आतंकवादियों की तरफ से इंटरनेट या दूसरी प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल के खतरे को रोकने की रणनीति पर बात हुई है।

मुंबई और पठानकोट हमले,

मुंबई और पठानकोट

भारत और अमेरिका ने मुंबई और पठानकोट हमलों के दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर पाकिस्तान पर दबाव बनाया है. पिछले मंगलवार को गठित संयुक्त कार्य समूह की 20वीं बैठक में दोनों देशों ने 2008 में मुंबई हमले और 2016 में पठानकोट हमले के दोषियों को सजा देने की मांग की है. इसके साथ ही संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) से भी ठोस कार्रवाई की मांग की है. आतंकवादी संगठनों के खिलाफ.

आतंकवाद के खिलाफ सहयोग

बैठक में भारत और अमेरिका ने आतंकवाद के खिलाफ सहयोग को और मजबूत करने का समर्थन किया. यह मांग खासतौर पर आतंकवाद के उन नए रूपों के खिलाफ है जो इंटरनेट और तकनीक का इस्तेमाल कर सामने आ रहे हैं.

आतंकवाद से निपटने की रणनीति

दोनों देशों के बीच समझौते को मजबूत करने के साथ आतंकवाद से निपटने की रणनीति को और बढ़ावा देने पर सहमति बनी है. उन्होंने स्वीकार किया कि आतंकवाद और भी अधिक चुनौतीपूर्ण हो गया है, खासकर विभिन्न तकनीकों का उपयोग करके किए जाने वाले हमलों के खिलाफ।

आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई

बैठक में दोनों देशों ने एक दूसरे के बिना पकड़े गए आतंकियों के प्रत्यर्पण के तरीकों को बेहतर बनाने पर जोर दिया. इससे आतंकवाद के खिलाफ संयुक्त प्रयासों को बढ़ावा मिलेगा, जो अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण हैं। बैठक में दोनों देशों की सुरक्षा एजेंसियों के प्रतिनिधियों ने सहयोग पर सहमति जताई है.

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