रेवंत रेड्डी: तेलंगाना में कांग्रेस की सरकार, ‘मुख्यमंत्री बीजेपी का…’ क्यों छिड़ी ये चर्चा?

सीएम रेवंत रेड्डी की खबरें – तेलंगाना में कांग्रेस सरकार की ओर बढ़त, पहली बार राज्य में कांग्रेस की सरकार?

रेवंत रेड्डी

रेवंत रेड्डी

देश के पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनावों में से चार राज्यों की तस्वीर अब साफ हो गई है. तीन राज्यों में कांग्रेस को निराशा हाथ लगी है. मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में कांग्रेस चुनाव हारती नजर आ रही है. इस बीच तेलंगाना में कांग्रेस तेजी से आगे बढ़ रही है और यहां पहली बार कांग्रेस की सरकार बनने की संभावना है. कांग्रेस फिलहाल 64 सीटों पर आगे चल रही है. वहीं, बीआरएस पहली बार राज्य की सत्ता से बाहर हो रही है.

तेलंगाना में कांग्रेस की सरकार बनने की स्थिति में सीएम कौन बनेगा, इस पर चर्चा शुरू हो गई है. इस सूची में वर्तमान कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष और सांसद रेवंत रेड्डी, लोकसभा सांसद कोमाटिरेड्डी वेंकट रेड्डी, पार्टी नेता मधु यक्षी गौड़, दामोदर राजनरसिम्हा, पूर्व मंत्री के जना रेड्डी और मल्लू भट्टी विक्रमार्क जैसे नेताओं के नाम शामिल हैं। हालांकि इस रेस में रेवंत रेड्डी का नाम सबसे आगे है. हालांकि रेवंत रेड्डी को बीजेपी का आदमी बताया जाता है.

तेलंगाना में बनेगा ‘बीजेपी का सीएम’!

साफ है कि कांग्रेस राज्य में सरकार बनाने की स्थिति में है. रेवंत रेड्डी को सीएम की रेस में मजबूत दावेदार माना जा रहा है. हालांकि, कुछ नेता उन्हें बीजेपी और आरएसएस कहते रहे हैं. एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने हाल ही में कहा था कि रेवंत रेड्डी के आरएसएस से संबंध हैं। ओवैसी ने कहा कि रेवंत रेड्डी का नाम आरएसएस अन्ना है. उन्होंने अपने जीवन की शुरुआत आरएसएस से की थी. वह कभी भी आरएसएस नहीं छोड़ सकते. ओवैसी ने यह भी कहा था कि आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत हैदराबाद में कांग्रेस कार्यालय को नियंत्रित कर रहे हैं।

बीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष केटी रामा राव (केटीआर) ने भी रेवंत पर गंभीर आरोप लगाए थे। केटी रामा राव ने यह भी कहा था कि रेवंत रेड्डी का आरएसएस से संबंध है और वह विधानसभा चुनाव के बाद भाजपा में शामिल होंगे।

कौन हैं रेवंत रेड्डी?

अविभाजित आंध्र प्रदेश में जन्मे रेवंत रेड्डी ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत छात्र जीवन से ही कर दी थी. उस्मानिया यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन के दौरान वह एबीवीपी से जुड़े। 2009 में उन्होंने टीडीपी के टिकट पर कोडंगल से विधानसभा चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। हालांकि, कुछ साल बाद वह कांग्रेस में शामिल हो गए। 2019 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने उन्हें मल्काजगिरी से टिकट दिया और उन्होंने जीत हासिल की। दो साल बाद पार्टी ने उन्हें प्रदेश अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी सौंपी.

रेवंत रेड्डी ने तेलंगाना में कांग्रेस को दिलाई जीत!

तेलंगाना में कांग्रेस की जीत का सबसे बड़ा कारण रेवंत रेड्डी को माना जा रहा है. विधानसभा चुनाव में रेवंत कांग्रेस का चेहरा बने रहे. चुनाव प्रचार के दौरान वह राहुल और प्रियंका गांधी की हर रैली में मौजूद रहे.

तेलंगाना में कांग्रेस की स्थिति क्या है?

चुनाव आयोग की वेबसाइट के मुताबिक, खबर लिखे जाने तक कांग्रेस 64 सीटों पर आगे चल रही है, जबकि बीआरएस 40 सीटों पर आगे चल रही है. वहीं, बीजेपी आठ और एआईएमआईएम छह सीटों पर आगे है. सीपीआई के खाते में सिर्फ एक सीट जाती दिख रही है. आपको बता दें कि राज्य में सरकार बनाने का जादुई आंकड़ा 120 सीटों का है.

यह भी पढ़ें

Read More Latest News

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *