लाखपति दीदी योजना: DRONE उड़ाकर दीदी बनेंगी लखपति, महिला एसएचजी को दिए जाएंगे 15,000 ड्रोन

2023-24 तक खाद कंपनियां महिला एसएचजी को 500 ड्रोन देंगी, ड्रोन का उपयोग खेती में कीटनाशक और खाद के लिए होगा

लाखपति दीदी योजना

महिला स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) से जुड़ी दीदियों को करोड़पति बनाने के लिए एक नई योजना शुरू की गई है। पिछले 15 अगस्त को प्रधानमंत्री ने ‘लखपति दीदी योजना’ की घोषणा की थी, जिसके तहत सरकार ने 15,000 महिला एसएचजी को ड्रोन उपलब्ध कराने के लिए 1261 करोड़ रुपये खर्च करने का फैसला किया है। इस योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2024-25 और 25-26 में 14,500 अन्य ड्रोन उपलब्ध कराए जाएंगे।

मार्च 2023-24 तक उर्वरक कंपनियां महिला एसएचजी को 500 ड्रोन उपलब्ध कराएंगी, जिनका मुख्य उपयोग खेती के कार्यों में कीटनाशकों और उर्वरकों का छिड़काव करने के लिए किया जाएगा। इन ड्रोनों को किसानों को किराए पर देने से महिला स्वयं सहायता समूहों को अधिक आय प्राप्त होगी। इसके अलावा ड्रोन के इस्तेमाल से खेती को बढ़ाने के लिए भी यह योजना प्रस्तावित है, जिससे ड्रोन निर्माण को भी बढ़ावा मिलेगा.

इस योजना में चयन कैसे होगा?

सूचना और प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा है कि चयन के मौजूदा क्षेत्र को ध्यान में रखते हुए, ड्रोन के उपयोग के लिए 15,000 महिला एसएचजी का चयन किया जाएगा। इन महिलाओं के बीच क्लस्टर लेवल फेडरेशन (सीएलएफ) की स्थापना की जाएगी, जिसके माध्यम से कीटनाशकों और उर्वरकों के छिड़काव वाले क्षेत्रों में ड्रोन वितरित किए जाएंगे।

इसके लिए सरकार द्वारा प्रत्येक ड्रोन के लिए 10 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे, जिसमें से 8 लाख रुपये सरकार द्वारा दिए जाएंगे, और शेष 2 लाख रुपये सीएलएफ नेशनल एग्रीकल्चर इंफ्रा फाइनेंसिंग फैसिलिटी से ऋण के रूप में प्राप्त किए जाएंगे।

ब्याज में छूट :

सरकार इस लोन की ब्याज दर में तीन फीसदी की छूट देगी. साथ ही जिन महिलाओं को ड्रोन उड़ाने के लिए चुना जाएगा उन्हें 15 दिनों की ट्रेनिंग दी जाएगी और 15,000 रुपये का मासिक मानदेय भी मिलेगा. सहायता के लिए एक सह-पायलट भी होगा, जिसे प्रति माह 10,000 रुपये दिए जाएंगे। इसके अलावा कुछ महिलाओं को ड्रोन की मरम्मत और अन्य कार्यों के लिए 5,000 रुपये प्रति माह दिए जाएंगे.

ड्रोन सप्लाई करने वाली कंपनी ड्रोन उड़ाने से लेकर उसकी मरम्मत तक की ट्रेनिंग देगी. इससे न केवल महिलाओं को रोजगार मिलेगा, बल्कि वे उद्यमी भी बनेंगी और आत्मनिर्भरता में मदद मिलेगी।

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