सुप्रीम कोर्ट ने पाकिस्तान की भारतीय मछुआरों की गिरफ्तारी पर हस्तक्षेप से किया इंकार, राजनीतिक समाधान की सलाह

शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने पाकिस्तान द्वारा भारतीय मछुआरों की गिरफ्तारी की याचिका पर नकारा लगाया। मामले को राजनीतिक दृष्टिकोण से सुलझाने की आवश्यकता बताई।

पाकिस्तान भारतीय मछुआरों गिरफ्तारी

नई दिल्ली:

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को भारतीय मछुआरों की गिरफ्तारी की मांग करने वाली पाकिस्तान की याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया। सुप्रीम कोर्ट ने इसे राजनीतिक मामला बताया और इसे राजनीतिक नजरिये से सुलझाने की सलाह दी.

सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई से इनकार कर दिया:
पाकिस्तान के समुद्री तटों से भारतीय मछुआरों की गिरफ्तारी को लेकर सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका पर सुनवाई से सुप्रीम कोर्ट ने इनकार कर दिया. कोर्ट ने यह बदलाव यह कहते हुए किया कि मामले की अपील संवैधानिक रूप से न्यायिक निर्णय नहीं है और इसे राजनीतिक रूप से हल किया जाना चाहिए।

न्याय मंत्री ने याचिका का उद्घाटन किया:
याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश याचिका पर न्याय मंत्री संजय किशन कौल और न्याय मंत्री सुधांशु धूलिया की अदालत ने विचार किया. उन्होंने पाकिस्तान द्वारा की गई गिरफ्तारियों के मुद्दे पर विचार किया, जिसमें सुप्रीम कोर्ट ने राजनीतिक समाधान के महत्व को पहचाना।

मामले का संक्षिप्त विवरण:
यह मामला डोरंडा कोषागार से 139 करोड़ रुपये से अधिक के चारो घोटाले से संबंधित है, जिसमें भारतीय मछुआरे शामिल थे, जो भटककर पाकिस्तान के जलक्षेत्र में चले गए थे। उनकी गिरफ्तारी को लेकर पाकिस्तान की ओर से याचिका दायर की गई थी, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने राजनीतिक मामला बताकर सुनवाई से इनकार कर दिया था.

इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने संविधान के अनुच्छेद-32 के प्रावधानों के तहत न्यायिक Approach से किसी भी तरह के फैसले की इजाजत नहीं दी, क्योंकि इसका समाधान राजनीतिक तरीके से होना चाहिए. अनुच्छेद-32 में भारतीय नागरिकों को अपने मौलिक अधिकारों की सुरक्षा के लिए सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाने का अधिकार है।

यह भी पढ़ें

Read More Latest News

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *