हेम्प सीड के फायदे: दर्द निवारक और आरोग्यकर्ता, ओमेगा-3 से समृद्ध, स्किन रोगों में प्रभावी, इस्तेमाल कैसे करें

प्रोफेसर डॉक्टर ललित तिवारी के अनुसार, भांग एक आयुर्वेदिक जड़ी-बूटी है, जिसे हिंदी में हेम्प कहा जाता है. यह पौधा उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, और पश्चिम बंगाल में बहुत मात्रा में उपलब्ध है.

हेम्प सीड के फायदे

तनुज पांडे/नैनीताल:

देवभूमि उत्तराखंड में पाया जाने वाला भांग के बीज का पौधा स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद है। यह आमतौर पर नशीली दवाओं से संबंधित मुद्दों से जुड़ा होता है, लेकिन यह बिल्कुल भी सच नहीं है। गांजे के बीज के पौधे में कई पोषक तत्व होते हैं, जो स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होते हैं। पहाड़ों में अक्सर इसका उपयोग चटनी, नमक, नींबू और अन्य चीजों में किया जाता है।

गांजे के बीज की चटनी आमतौर पर पहाड़ों में खाई जाती है। इसके साथ ही बीजों को ओखली में पीसकर नमक तैयार किया जाता है. नमक को खीरे पर लगाकर या सलाद के साथ मूली में डालकर खाया जाता है। भांग के बीज का नमक खाने का स्वाद और भी बढ़ा देता है। इसके साथ ही भांग के बीज के नमक में मौजूद पोषक तत्व शरीर के लिए बहुत फायदेमंद होते हैं।

इसका उपयोग इन चीजों में भी किया जाता है –

डीएसबी कॉलेज, नैनीताल के वनस्पति विज्ञान विभाग के प्रोफेसर डॉ. ललित तिवारी ने कहा कि भांग का बीज पहाड़ी संस्कृति में रची बसी एक जड़ी-बूटी है, जिसे हिंदी में हेम्प कहा जाता है। भांग के बीज का पौधा उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल में बहुतायत में पाया जाता है। कई औषधीय गुणों से भरपूर इस पौधे की दानपुर और दसौली किस्मों से कुठला, कंबल और जैकेट बनाए जाते हैं। साथ ही इसका रेशा बनता है जो रेशेदार होने के कारण उपयोगी होता है।

कई बीमारियों को करता है ठीक

प्रोफेसर तिवारी ने बताया कि भांग के बीज का पौधा दर्द निवारक होता है और यह इम्युनिटी बूस्टर के रूप में काम करता है। इसके साथ ही यह पाचन में भी सहायक होता है। इसमें ग्लोब्युलिन, ओमेगा-3 और कई तरह के एंटी-बॉडीज होते हैं, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाते हैं। इसके अलावा भांग के बीज कोलेस्ट्रॉल को कम करने, उच्च रक्तचाप को कम करने, गठिया और त्वचा संबंधी रोगों को कम करने में भी प्रभावी है। भांग के बीजों को भूनकर खाया जाता है।

भांग के बीज के नमक में ओमेगा-3 होता है –

प्रोफेसर तिवारी ने बताया कि पहाड़ों में भांग के बीजों को पहले भूनकर फिर सिलबट्टे पर पीसकर भांग के बीज का नमक तैयार किया जाता है. इसे सलाद या खाने में डालकर खाया जाता है. गांजे के बीज के नमक में कई तरह के एंटीऑक्सीडेंट के साथ-साथ ओमेगा-3 भी होता है, जो शरीर के लिए बहुत फायदेमंद होता है।

भांग के बीज की चटनी भी है लाजवाब –

पहाड़ों में भांग के बीजों को भूनकर नींबू, इमली आदि के साथ ओखली पर पीसकर चटनी बनाई जाती है। इसे भोजन के साथ परोसा जाता है. इस चटनी में प्रोटीन, वसा, मैग्नीशियम, कैल्शियम, आयरन और अन्य पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो पाचन में सुधार करते हैं। उत्तराखंड में भांग के बीज का तेल भी बनाया जाता है, जो दर्द निवारक होता है।

यह भी पढ़ें

Read More Latest News

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *